ये ख़ुदा ने है बक्शी तुम्हे
ज़िन्दगी की इबादत करो
फ़र्ज़ इंसानियत का है ये
तुम सभी से मुहब्बत करो
भीड़ में खो न जाना कहीं
ख़ुद ही अपनी हिफाज़त करो
दोस्ती ये सिखाती नहीं
दोस्तों से सियासत करो
जो लिखा है मिलेगा वही
क्यूँ किसी से शिकायत करो
मुझमें बचपन है जिंदा अभी
कह रहा है शरारत करो
कवि दीपक गुप्ता
9811153282 , 9311153282
www.kavideepakgupta.com
Delhi NCR, Faridabad, Haryana, India
Saturday, December 19, 2009
Saturday, December 5, 2009
ग़ज़ल - अपने हाथों मुकद्दर बना कब सके
अपने हाथों मुकद्दर बना कब सके
और ख़ुद को सिकंदर बना कब सके
हम, फ़क़ीरों की दुनिया में आ तो गए
ख़ुद को लेकिन कलंदर बना कब सके
हम सभी ने मकां तो बनाये मगर
हम मकां को कभी घर बना कब सके
पत्थरों के नगर में रहे घूमते
मील का ख़ुद को पत्थर बना कब सके
मन तो करता था हम भी उड़ानें भरें
हौसलों को मगर 'पर' बना कब सके
_______________________________
कवि दीपक गुप्ता
9811153282 , 9311153282
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Faridabad, Delhi NCR, India
और ख़ुद को सिकंदर बना कब सके
हम, फ़क़ीरों की दुनिया में आ तो गए
ख़ुद को लेकिन कलंदर बना कब सके
हम सभी ने मकां तो बनाये मगर
हम मकां को कभी घर बना कब सके
पत्थरों के नगर में रहे घूमते
मील का ख़ुद को पत्थर बना कब सके
मन तो करता था हम भी उड़ानें भरें
हौसलों को मगर 'पर' बना कब सके
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कवि दीपक गुप्ता
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Tuesday, December 1, 2009
ग़ज़ल - वक़्त के साथ चलने लगा हूँ
वक़्त के साथ चलने लगा हूँ
धीरे- धीरे संभलने लगा हूँ
बात कोई तो है मुझमें जो मैं
उनकी नज़रों में खलने लगा हूँ
आईने को शिकायत है मुझसे
रोज़ चेहरा बदलने लगा हूँ
ज़िन्दगी को समझने की खातिर
दोस्तो, ख़ुद को छलने लगा हूँ
नर्म लहज़ा हुआ जब से मेरा
तब से शोलों पे चलने लगा हूँ
कुछ अंधेरों ने घेरा जो मुझको
लोग समझे मैं ढलने लगा हूँ
नूर चेहरे पे आने लगा है
जब से दीपक सा जलने लगा हूँ .....
_______________________
कवि दीपक गुप्ता
9811153282, 9311153282
www.kavideepakgupta.com
Delhi NCR, Faridabad, India
धीरे- धीरे संभलने लगा हूँ
बात कोई तो है मुझमें जो मैं
उनकी नज़रों में खलने लगा हूँ
आईने को शिकायत है मुझसे
रोज़ चेहरा बदलने लगा हूँ
ज़िन्दगी को समझने की खातिर
दोस्तो, ख़ुद को छलने लगा हूँ
नर्म लहज़ा हुआ जब से मेरा
तब से शोलों पे चलने लगा हूँ
कुछ अंधेरों ने घेरा जो मुझको
लोग समझे मैं ढलने लगा हूँ
नूर चेहरे पे आने लगा है
जब से दीपक सा जलने लगा हूँ .....
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Monday, November 30, 2009
ग़ज़ल - फ़क़त ये है दुआ रब से
फ़क़त ये है दुआ रब से
मेरा रिश्ता रहे सब से
हुईं कुछ ग़लतियाँ जब से
सुधरने मैं लगा तब से
दुआ दिल से निकलती है
कही जाती नहीं लब से
उजाले तक पहुँचने को
गुज़रना पड़ता है शब् से
मेरे अहबाब पूछे हैं
तू शायर हो गया कब से ....
कवि दीपक गुप्ता
9811153282, 9311153282
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मेरा रिश्ता रहे सब से
हुईं कुछ ग़लतियाँ जब से
सुधरने मैं लगा तब से
दुआ दिल से निकलती है
कही जाती नहीं लब से
उजाले तक पहुँचने को
गुज़रना पड़ता है शब् से
मेरे अहबाब पूछे हैं
तू शायर हो गया कब से ....
कवि दीपक गुप्ता
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Thursday, September 17, 2009
ग़ज़ल - यूं ही वक्त न जाया कर
यूं ही वक्त न जाया कर
ख़ुद से भी बतियाया कर
उसपे इश्क का भूत चढा
उसको मत समझाया कर
इज्ज़त , दौलत या रिश्ते
कुछ तो यार कमाया कर
डर से ही मर जाएगा
इतना मत घबराया कर
इक दिन मिटटी होना है
ज्यादा मत इतराया कर
मन की अंधी गलियों में
दीपक रोज़ जलाया कर
कवि दीपक गुप्ता
www.kavideepakgupta.com
09811153282 , 09311153282
Delhi NCR , India
ख़ुद से भी बतियाया कर
उसपे इश्क का भूत चढा
उसको मत समझाया कर
इज्ज़त , दौलत या रिश्ते
कुछ तो यार कमाया कर
डर से ही मर जाएगा
इतना मत घबराया कर
इक दिन मिटटी होना है
ज्यादा मत इतराया कर
मन की अंधी गलियों में
दीपक रोज़ जलाया कर
कवि दीपक गुप्ता
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Wednesday, August 19, 2009
ग़ज़ल - कौन था अपना पराया कौन था
कौन था अपना पराया कौन था
जो मुझे, मुझ तक ले आया कौन था
जो इशारों में हिदायत दे गया
सोचता हूं मैं वो साया कौन था
वो खुदा था, वक्त था या आइना
रास्ता जिसने दिखाया कौन था
वो तसव्वुर था तुम्हारा या थे तुम
नींद में जो मेरी आया कौन था
मैं दिमागी तौर से था होश में
फिर ये मुझमें लडखडाया कौन था
कवि दीपक गुप्ता
http://www.kavideepakgupta.com/
9811153282, 9311153282
Delhi , India
जो मुझे, मुझ तक ले आया कौन था
जो इशारों में हिदायत दे गया
सोचता हूं मैं वो साया कौन था
वो खुदा था, वक्त था या आइना
रास्ता जिसने दिखाया कौन था
वो तसव्वुर था तुम्हारा या थे तुम
नींद में जो मेरी आया कौन था
मैं दिमागी तौर से था होश में
फिर ये मुझमें लडखडाया कौन था
कवि दीपक गुप्ता
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Sunday, August 16, 2009
फरीदाबाद गौरव सम्मान - 2009 - कवि दीपक गुप्ता
मानव सेवा समिति , फरीदाबाद द्वारा काव्य क्षेत्र के लिए कवि श्री दीपक गुप्ता को फरीदाबाद गौरव सम्मान से सम्मानित / अलंकृत करते हुए
15 - 08 -09


कवि दीपक गुप्ता
http://www.kavideepakgupta.com/
90 (FF) Ashoka Enclave Part - 1,
Sector - 34, Faridabad - 121003,
Haryana , India
15 - 08 -09


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